भोपाल। मध्य प्रदेश में साल 2013 में हुए पुलिस भर्ती घोटाले (व्यापमं) में दोषी पाए गए लोगों को सजा सुना दी गई है। दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 30 को कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं एक दोषी को 10 साल के लिए जेल भेजा गया है। इन सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने 21 नवंबर को दोषी ठहराया था। इस घोटाले में कई बड़े नाम सामने आए थे, जिसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले को लेकर फर्जीवाड़ा करके भर्तियां की गई थी।

व्यापमं की पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2013 के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इसमें दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 30 को कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुनाई है, वहीं एक दोषी को 10 साल के लिए जेल भेजा गया है। व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने साल 2017 में चार्जशीट पेश कर दी थी। जिसमें 490 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में सीएम शिवराज सिंह चौहान को क्लीन चिट दे दी थी।

इसके साथ ही सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि जांच एजेंसियों की ओर से जब्त की गई हार्ड डिस्क के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। सीबीआई ने हार्ड डिस्क की फोरेंसिक जांच भी कराई थी। बता दें कि पहले व्‍यापमं का नाम व्‍यावसायिक परीक्षा मंडल था जिसे अब ‘प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड’ कर दिया गया है। जनवरी, 1970 में व्यापमं की शुरुआत हुई थी।

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