बड़बोले शिवसेना प्रवक्ता सीने मे दर्द के चलते हुए मौन; अस्पताल मे भर्ती

पदम पति शर्मा
प्रधान संपादक

पिछले 18 दिनों से महाराष्ट्र मे सरकार गठन मे गतिरोध को लेकर भाजपा के खिलाफ हद से ज्यादा मुखर शायद कुछ ज्यादा ही बोलने के चलते शिवसेना प्रवक्ता राज्यसभा सांसद संजय राउत सोमवार को अपराह्न साढे तीन बजे मुम्बई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हो गये।

अस्पताल के ह्रदय रोग विशेषज्ञ अजीत मेनन ने बताया कि पिछले दो तीन दिनों से राउत सीने में दर्द से परेशान थे। आज उनका भर्ती होना पूर्व निर्धारित था। जांच पूरी होने के बाद उनको एक दो रोज मे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत के भाई और विधायक सुनील राउत ने बताया कि संजय की जांच होने के बाद डाक्टर तय करेंगे कि एन्जियोग्राफी की जरूरत है या नहीँ।

गौरतलब है कि संजय राउत लगातार काम चलाऊ मुख्यमंत्री देवेन्द्र फङणवीस और भाजपा पर करार तोड़ने का आरोप लगा कर हमले करने के साथ ही यह दावा भी कर रहे थे कि भाजपा यदि सरकार नहीं बनाती तो शिवसेना सरकार बनाने मे सक्षम है। उन्होंने 170 विधायकों के समर्थन का दावा भी किया था। यह दावा थोथा साबित हुआ और आज जिस तरह से नाटकीय घटनाक्रम मे स्थितियां बदली उससे सबसे ज्यादा फजीहत मुख्यमंत्री का सपना संजोए शिवसेना प्रमुख और उनकी पार्टी की हुई।

मीडिया से जुडे लोग पूछ रहे थे कि कहाँ हैं संजय राउत और उनके 170 विधायक ? किसी ने तंज किया, फजीहत से बचने के लिए तो संजय राउत अस्पताल की शरण लेने पर विवश नहीं हुए हैं ?

बहरहाल कुछ भी हो सत्ता की ललक मे अपने तीस साल पुरानी साथी भाजपा से नाता तोड़ने वाली शिवसेना इतनी दूर चली गयी है कि अब उसकी वापसी मुश्किल हो चुकी है।

आलोचना की भी एक सीमा होती है मगर संजय राउत ने सारी हद पार कर दी थी। किसी शायर ने सही कहा, ” दुश्मनी करो मगर इतनी गुंजाइश रहे कि जब फिर दोस्त बनें तो शर्मिन्दा न होना पडे”।
हालांकि राजनीति में कोईभी स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। मगर लगता नहीं कि भाजपा इस अतिमहत्वाकांक्षी पार्टी को फिर से गले लगाएगी। बल्कि वो तो शिवसेना के साथ पिंड छूटने से राहत की सांस ले रही होगी ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here