कोलकाता के बहुचर्चित रोजवैली चिटफंड घोटाले को लेकर मंगलवार को सीबीआई के तेवर सख्त नज़र आये । 7000 करोड़ के इस घोटाले को लेकर सीबीआई ने 169 जगहों पर छापे मारे और 35 मामले दर्ज किए ।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सात हजार करोड़ रुपए से अधिक के धोखाधड़ी मामले में मंगलवार को
दिल्ली, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, गुजरात, हरियाणा, कनार्टक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दादरा एवं नगर हवेली समेत देश के विभिन्न राज्यों में 169 जगहों पर छापे मारी की। सीबीआई ने रोजवैली घोटाले की जांच के सिलसिले में कुछ आईपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ की।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रूपये के रोजवैली घोटाले की जांच के सिलसिले में उपायुक्त बंदरगाह संभाग वकार रजा से सोमवार को ही पूछताछ की थी। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि आईपीएस अधिकारी रजा आरोपी नहीं हैं लेकिन जब रोजवैली समूह ने कथित रूप से वित्तीय अनियमितताएं की थी तब उनकी बतौर सीआईडी अधिकारी क्या भूमिका थी, उसका पता लगाने के लिए उन्हें सीबीआई के सीजीओ परिसर कार्यालय में तलब किया गया था।

निवेशकों को 15 हजार करोड़ का चूना लगाया गया

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी इस मामले में एक्टिव है । ईडी के अनुसार इस समूह ने निवेशकों को 15,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया था जिसमें ब्याज और जुर्माने की राशि भी शामिल है। कंपनी पर निवेशकों के प्रति अपनी देनदारियों को दबाने के लिए अपनी सहायक कंपनियों में निवेश करने का आरोप है। केंद्रीय एजेंसी ने 2015 में समूह के अध्यक्ष गौतम कुंडू को गिरफ्तार किया था और होटलों और रिसोर्ट समेत 2300 करोड़ रूपये की संपत्ति कुर्क की थी। सीबीआई इस घोटाले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और बंगाली फिल्मोद्योग के कई कलाकारों से भी पूछताछ कर रही है।

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