मुम्बई । महाराष्ट्र में सरकार से बाहर होने के बाद भाजपा में अंतरकलह खुल कर सामने आ रही है। खबर है कि देवेंद्र फडणवीस से नाराज तीन भाजपा नेताओं ने अलग बैठक की। महाराष्ट्र भाजपा नेता एकनाथ खड़से और पंकजा मुंडे ने बुधवार को मुलाकात की थी। इन दोनों नेताओं ने पार्टी से अपनी नाराजगी के संकेत दे दिए हैं। इसके बाद पार्टी को बगावत का डर सता रहा है।

एकनाथ खड़से ने कहा कि पंकजा मुंडे और उनकी बेटी को हराने में कुछ भाजपा नेताओं का ही हाथ है। इससे पहले उन्होंने पार्टी के ही एक अन्य नेता विनोद तावड़े से भी मुलाकात की थी। फडणवीस सरकार में मंत्री रहे तावड़े को इस बार पार्टी ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था।

पंकजा मुंडे से मुलाकात के बाद खड़से ने कहा कि पार्टी उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने जलगांव से उनकी बेटी रोहिणी खड़से और परली से पंकजा मुंडे को हराने में भूमिका निभाई है। खड़से ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल को सूचना दे दी है।

खड़से के बयान से यह साफ था कि उनके निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही हैं। हालांकि, खड़से ने प्रत्यक्ष रूप से उनका नाम नहीं लिया। इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आप स्मार्ट हैं, आप खुद ही समझ सकते हैं कि मैं क्या कहने की कोशिश कर रहा हूं। बता दें कि खड़से भी फडणवीस सरकार में राजस्व मंत्री रह चुके हैं। एक भूमि हथियाने के मामले में नाम आने पर उन्हें मंत्रीपद छोड़ना पड़ा था।

इकोनॉमिक टाइम्स ने एक भाजपा नेता के हवाले से बताया कि पार्टी पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को पूरा सपोर्ट कर रही है। इसके साथ ही हाल में उनके खिलाफ हुई बगावत में पार्टी उनके साथ है। भाजपा नेता ने कहा कि चुनावों के दौरान पंकजा मुंडे को पार्टी की तरफ से पूरा सहयोग दिया गया था।

उन्होंने कहा कि वह मंत्री थीं और इसके बाद भी वह हार जाती हैं तो इससे साफ पता चलता है कि लोग उनके काम से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एकनाथ खड़से की बेटी इसलिए चुनाव हार गईं क्योंकि उनके खिलाफ शिवसेना नेता ने पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ा था। भाजपा नेता ने कहा कि फडणवीस ने पार्टी के लिए बहुत कुछ किया है।

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