काश ! डा.आशुतोष से पुलिस प्रेरणा लेती

विकास यादव 
मुख्य नगर प्रतिनिधि 

आज दिवाली है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न तरीकों से दीपोत्सव मनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने तो जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। अयोध्या, अमृतसर, केदारनाथ सहित पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण के राज्यों तक में दीपावली हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। 

लक्ष्मी-गणेश पूजन करती सीओ दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी

विश्वास कीजिये यूपी पुलिस की जनता में आम छवि फिलहाल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ नहीं है। आम तौर पर उसको लेकर सोच बहुत सकारात्मक भी नहीं है। लेकिन मानना पड़ेगा कि वर्तमान योगी सरकारी में कुछ ऐसे पुलिस अधिकारियों से साबक पड़ा है जो बेशक अलग छवि पेश करते हैं। 

दीवाली पर पूजन करते चौक इंस्पेक्टर डॉ. आशुतोष तिवारी

बात हो रही है पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दीपावली पर पुलिस की दिल छू लेने वाली एक घटना। इसकी तस्वीरें सामने आई हैं। ये खूबसूरत तस्वीर चौक थाने की हैं। जहाँ दीपावली के पावन पर्व पर चौक थाने के इंस्पेक्टर डॉ.आशुतोष तिवारी ने एकता की अनूठी मिशाल पेश करते हुए हिन्दू,  मुस्लिम, सिख, ईसाई के साथ मिलकर दीपोत्सव पर्व अनूठे अंदाज में मनाया। इंस्पेक्टर डॉ.आशुतोष ने भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए देश के सभी चारों समुदाय से जुड़े लोगों के साथ न सिर्फ फोटो खिंचवाई बल्कि उनको साथ लेकर गणेश-लक्ष्मी पूजन भी किया। जाहिर है कि इसके बाद सभी ने मिष्ठान का भी आनंद लिया।

दीयों की रोशनी से जगमग थाना चौक

बताने की जरूरत नहीं कि नगर के ह्रदय स्थल समझे जाने वाला चौक क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है। थाने के अगले बगल सौ मीटर के दायरे मे मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा है। ऐसे में सभी के साथ पुलिस का इस तरह के पर्व में आनंद लेना सचमुच अनुकरणीय कहा जाएगा। 

इंस्पेक्टर चौक डॉ.आशुतोष ने कहा कि दीपावली का पर्व आपसी सद्भावना का पर्व है। यह दीपोत्सव राष्ट्रीय एकता को रौशनी देने का काम करता है। जिससे सद्भावना का मार्ग प्रशस्त होता है।

सिख, मुस्लिम भाईयों के साथ इंस्पेक्टर डॉ.आशुतोष

तिवारी ने कहा कि चौक थाना क्षेत्र में ही स्थित बाबा काशी विश्वनाथ का मंदिर, ज्ञानवापी मस्जिद व गुरुद्वारा आपस में इतने सटे हैं कि वे अलग-अलग धर्मों में लोगों को बांटते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। हिंदू, सिख, मुस्लिम और ईसाई यहां मिलजुल कर रहते हैं। मैने कोई अनोखा कार्य नही किया। 

सही कहा डाक्टर आशुतोष। लेकिन दिक्कत यह है कि आपके न जाने कितने भाई बंधु ऐसे भी है जो इस तरह की भावना से परहेज करते है।

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