Chandrayaan-2: लैंडर विक्रम के अंतिम क्षणों में जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इसरो के वैज्ञानिकों के समर्थन में प्रेरणादायी संदेशों की बाढ़ आ गई। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने शनिवार तड़के घोषणा की कि लैंडर से जमीनी स्टेशन का संपर्क टूट गया और आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और हमेशा भारत को गौरवान्वित किया। ये साहसी होने के क्षण है और हम साहस का परिचय देंगे।’’

प्रधानमंत्री ने इसरो चीफ को दिया दिलासाः ज्यादातर यूजर्स ने एक वीडियो क्लिप ट्वीट की जिसमें प्रधानमंत्री भावुक सिवन को दिलासा देते हुए दिखे। उन्होंने हैशटैग चंद्रयान 2 का इस्तेमाल करते हुए कहा कि विक्रम से बेशक संपर्क टूट गया हो लेकिन भविष्य के मिशनों से उम्मीद बरकरार हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सचिवालय ने ट्वीट किया, ‘‘निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। इसरो का केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीदों से नहीं…।’’

अभिनेता सनी देओल ने किया ट्वीटः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को परिश्रमी और उनके काम को प्रेरणादायी बताते हुए एक यूजर ने कहा कि ‘‘विज्ञान में हार नहीं होती।’’ अभिनेता से नेता बने सनी देओल ने ट्वीट किया, ‘‘संपर्क टूटा लेकिन उम्मीद नहीं। इसरो आप पर हमें गर्व है।’’एक ट्विटर यूजर ने कहा, ‘‘इसरो के मेरे प्रिय मेहनती और प्रेरणादायी वैज्ञानिकों, सिर्फ इतना याद रखिए कि विज्ञान के क्षेत्र में कोई हार नहीं होती, जीत होती है और फिर सीख होती है। मुझे भरोसा है कि आपने चंद्रयान-2 के दौरान काफी कुछ सीखा होगा, जो भविष्य के मिशनों में निश्चित तौर पर हमारी मदद करेगा।’’

चंद्रयान का हैशटैग कर रहा ट्रेंडः विक्रम की लैडिंगग के मद्देनजर ट्विटर पर हैशटैग चंद्रयान 2 ट्रेंड कर रहा था। संपर्क टूटने की खबर आने के बाद 87,000 ट्वीट किए गए। के. सिवन, विक्रम लैंडर, इसरो, मून मिशन, इंडिया आॅन द मून और प्राउड आॅफ इसरो जैसे अन्य हैशटैग यूजर्स की मिलीजुली भावनाओं को दर्शाते हैं। एक यूजर आशीष शर्मा ने ट्वीट किया, ‘‘सफलता अंतिम नहीं है, असफलता भी घातक नहीं है। हमने बस संपर्क खोया, उम्मीद नहीं।’’ संचार पेशेवर हारिणी कैलामुर ने कहा कि असफलता प्रगति की ओर महज एक कदम है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह नाकामी नहीं है, विज्ञान की प्रगति की ओर यह एक और कदम है। जो इसे नाकामी बताते हैं उन्हें वैज्ञानिक प्रगति नहीं मिलती। विज्ञान का इतिहास इस तरह की कहानियों से भरा है।’’

साभार : जनसत्ता

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here