मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बता दें कि इसका असर ये हुआ है कि बीते रविवार से ये नियम लागू हुआ और बीते पांच दिनों के दौरान हरियाणा और ओडिशा में 4400 से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं, जिनसे जुर्माने के रुप में 1.4 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। केन्द्रीय रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे मंत्रालय के डाटा में यह जानकारी दी गई है।

हरियाणा में बीते पांच दिनों में यानि कि 5 सितंबर तक 343 चालान काटे गए हैं, जिनसे बतौर जुर्माने के 52,32,650 रुपए इकट्ठा हुए हैं। वहीं ओडिशा में 4 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, 4080 चालान हुए हैं, 46 वाहनों को सीज किया गया है और जुर्माने के रुप में 88,90,107 रुपए वसूल किए गए हैं।

बता दें कि कानून में संशोधन बीती 1 सितंबर से लागू हो गया है। कानून लागू होने के पहले ही दिन दिल्ली में 39,000 ड्राइवरों पर जुर्माना लगाया गया, जिसमें तीन लोगों को बैठाकर दोपहिया वाहन चलाना, गलत नंबर प्लेट और प्रेशर हॉर्न जैसे मुद्दों पर चालान काटे गए।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा कुल 3121 चालान जारी किए गए। वहीं चंडीगढ़ में 1499 चालान और झारखंड में 1400 चालान किए गए। उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को गुरुग्राम में एक व्यक्ति पर मोटरसाइकिल पर हेलमेट ना पहनकर चलने और जरुरी दस्तावेज ना दिखाने पर 23,000 रुपए का चालान काटा गया था।

इसी तरह ओडिशा के भुवनेश्वर में बुधवार को ऑटो रिक्शा ड्राइवर पर वैध परमिट, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन ना दिखाने पर 47,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इतनी भारी मात्रा में जुर्माने को लेकर लोग आलोचना भी कर रहे हैं, लेकिन केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने गुरुवार को साफ कर दिया कि सरकार इस नियम को वापस नहीं लेगी।

गडकरी ने कहा कि ‘ऐसा समय आना चाहिए, जब ट्रैफिक नियम तोड़ने के लिए किसी पर जुर्माना ना लगे। ये ज्यादा जुर्माने के प्रावधान लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए लागू किए गए हैं।’ बता दें कि भारत में रोजाना औसतन 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटना में मारे जाते हैं। भारत ने यूएन के बार्सिलिया डिक्लयरेशन पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें साल 2020 तक सड़क दुर्घटना में मारे जाने वाले लोगों के आंकड़े को 50% तक कम करना है।

कांग्रेस के शासन वाले राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब ने ताजा नियमों के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। वहीं भाजपा शासित गुजरात ने भी नए नियमों के तहत लगने वाले जुर्माने की राशि को ज्यादा बताया है।

साभार : जनसत्ता

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