अनिता चौधरी
राजनीतिक संपादक

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्ष ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां सोमवार को कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जम कर हमला बोला तो वही दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कांग्रेस के अन्य सीनियर नेताओं के साथ नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में और जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गई हैं। उनके साथ केसी वेणुगोपाल, अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और एके ऐंटनी भी मौजूद थे।

प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का माहौल खराब हो गया है। पुलिस विश्वविद्यालय में घुसकर छात्रों को पीट रही है। सरकार संविधान से छेड़छाड़ कर रही है। हम छात्रों के लिए लड़ेंगे , संविधान के लिए लड़ेंगे। प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए रविवार को भी कहा था कि इस सरकार को जनता की आवाज से डर है, इसलिए वे छात्रों पर पत्रकारों को दबा कर अपनी मौजूदगी दर्ज कर रही है। रविवार की रात किए गए एक ट्वीट में प्रियंका गाधी ने कहा कि पीएम को युवाओं की आवाज सुननी होगी। ऐसे समय में जब सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए, उस वक्त बीजेपी सरकार नॉर्थ ईस्ट, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छात्रों और पत्रकारों पर जुल्म ढा रही है। केंद्र की मोदी सरकार डरपोक है।”

काँग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का ये धरना 4 बजे शुरू हुआ जो अगले कुछ घंटे तक चलेगा । काँग्रेज़ प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जानकारी देते हुए कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करना है. पुलिस ने रविवार को छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल किया था. संशोधित कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए जिसमें बसों को आग लगा दी गई ।

उधर, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘मोदी सरकार स्वयं हिंसा व बंटवारे की जननी बन गई है। सरकार ने देश को नफरत की अंधी खाई में धकेल दिया है तथा युवाओं के भविष्य को आग की भट्टी में झुलसा दिया है।’ कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है।

गौरतलब है कि , रविवार को दक्षिण दिल्ली में भीड़ ने पुलिसकर्मियों, आम नागरिकों व मीडिया को निशाना बनाया था. भीड़ ने दक्षिणी दिल्ली के कुछ इलाकों को कब्जे में ले लिया। प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने व पुलिस के साथ झड़प के पांच घंटे बाद पुलिस ने जामिया नगर में फ्लैग मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे. हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों की बड़ी टुकड़ी से संघर्ष किया और मीडिया पर भी पथराव किया। नाराज भीड़ ने बसों को आग लगा दिया या क्षतिग्रस्त किया और इसके अलावा कारों व एक बाइक को निशाना बनाया । पथराव में दो दमकल अधिकारी घायल हो गएथे । ये प्रदर्शन नए नागरिकता अधिनियम को लेकर था जिदसे रविवार शाम पूरी दिल्ली की रफ्तार थम गई थी ।

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