सोनिया के लोग राहुल गांधी के खिलाफ कर रहे साजिश, छोड़ दूंगा कांग्रेस

विशेष संवाददाता

महाराष्ट्र में कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े लोगों पर बड़ा हमला किया है। संजय निरुपम ने कहा है कि सोनिया गांधी से जुड़े लोग राहुल गांधी के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। संजय निरुपम ने कहा है कि वह पार्टी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।

महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले संजय निरुपम के इस रुख से पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती है। पार्टी छोड़ने के सवाल पर संजय निरुपम ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मुझे पार्टी छोड़ने की जरूरत है। लेकिन पार्टी के भीतर ऐसा ही चलता रहा तो मुझे नहीं लगता कि मैं पार्टी के साथ लंबे समय तक रह पाऊंगा।

संजय निरुपम में आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग साजिश कर रहे हैं। कांग्रेसी नेता महाराष्ट्र में टिकट बंटवारे को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी ने जिस तरह से टिकटों को बंटवारा किया है उसमें चार पांच सीटों को छोड़ दें तो बाकी पर पार्टी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाएगी।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मुझे पार्टी में साइडलाइन करने की कोशिश की गई। मेरे अंदर जो बर्दाश्त करने की क्षमता है, यदि वह पार कर गई तो मुझे इस संबंध में निर्णय लेना पड़ सकता है।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस स्थिति को और झेला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसा कोई मेकेनिज्म या फोरम नहीं है जहां नेता अपनी या पार्टी के हित से जुड़ी बातों को रख सकें।

उन्होंने कहा कि आपकी कोई सुनने वाला नहीं है। सोनिया जी के नीचे वाला जो ग्रुप है वो एकदम से चापलूस पसंद, चमचा पसंद टाइप के लोग हैं। जो मीटिंग्स होती हैं वहां पर भी कुछ नहीं बोल सकते हैं। तो ऐसे में जो गलत हो रहा है वह बोला जा रहा है। अगर यह बोलना गलत है, यदि लगता है कि यह अनुशासनहीनता है तो पार्टी इस संबंध में जो भी निर्णय लेगी मुझे स्वीकार है।

एक टिकट की सिफारिश की, वह भी खारिज

संजय निरुपम ने अपनी नाराजगी साफ जताते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए एक उम्मीदवार की सिफारिश की थी। उसे भी खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मेरी सुनवाई नहीं हुई।

गौरतलब है मूलतः बिहारी संजय निरूपम किसी जमाने मे शिवसेना के तेज तर्रार नेता समझे जाते थे। शिवसेना के मुखपत्र “सामना” के भी वह संपादक रह चुके हैं। काग्रेस मे शामिल होने के बाद निरूपम भाजपा के मुखर आलोचकों मे रहे हैं। उन्होंने यहाँ तक कि सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाया था। देखने वाली बात तो यह है कि यदि वह पार्टी छोड़ते है तो क्या फिर से शिवसेना का दामन थामते हैं या किसी अन्य दल मे जाएंगे ।

हरियाणा में भी असंतोष उभरा 

इस बीच हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे से नाराज कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने पार्टी की ओर से सौंपी गई सभी जिम्मेदारियों और कमेटी से गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के प्राथमिक सदस्य बने रहेंगे और पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहेंगे, लेकिन किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेंगे।

दोनों ही नेता प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए 

गौरतलब है कि संजय निरुपम और अशोक तंवर दोनों ही अपने-अपने राज्य में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और दोनों को ही नेतृत्व ने उनके पद से उन्हें हटा दिया। इससे दोनों नेता अपने को उपेक्षित समझ रहे हैं। ताजा हालात यह है कि टिकट बंटवारे में इनकी बिल्कुल नहीं सुनी जा रही है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया है कि पार्टी के निष्टावान और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर ऐसे लोगों को टिकट दिया जा रहा है, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे।

इसी महीने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधान सभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी में अंतर्कलह से पार्टी को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। दोनों राज्यों में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 को मतगणना होगी। चार अक्टूबर नामांकन करने की अंतिम तारीख थी।

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