प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बरस बाद हो रही ‘नमामि गंगे’ प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए आज (शनिवार) को कानपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर सीएम योगी और यूपी बीजेपी के नेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता की। जहां वे ‘नमामि गंगे परियोजना’ के विविध आयामों की समीक्षा की। पीएम मोदी के साथ इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने अटल घाट पर नामामी गंगा प्रोजेक्ट की समीक्षा की और फिर नौकायान भी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कानपुर में नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक में पीएम मोदी ने गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के प्रयासों के संबंध में मंथन किया।

इस बैठक में पीएम मोदी ने गंगा की सफाई से जुड़े सभी विभागों, राज्यों और संबंधित मंत्रालयों को इसकी महत्ता समझाने की कोशिश की।

बैठक में पीएम मोदी ने निर्मल गंगा के उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक ढांचा बनाने की जरूरत पर बल दिया। जिसके लिए उन्होंने लोगों और खासकर उन शहरों के जागरूक होने को कहा है जो गंगा तट पर स्थित हैं।

सीढिय़ों पर फिसले प्रधानमंत्री

अटल घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोट पर सवार होकर मां गंगा का हाल देखा। गंगा में यात्रा के बाद वह वापस घाट पर लौटे। बोट से उतरने के बाद वह सीढिय़ां चढ़कर ऊपर घाट की ओर जा रहे थे। इस बीच सीढ़ी पर उनका पैर फिसल और वह गिर पड़े। इसके बाद एसपीजी के जवानों ने उन्हें उठाया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यहां से वापस सीएसए कृषि विवि पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से चकेरी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से प्रधानमंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

बताते चलें कि जिस सीढ़ी पर पैर फंसने की वजह से प्रधानमंत्री फिसल गए, उसी सीढ़ी पर पिछले दिनों निरीक्षण के लिए आने वाले करीब आधा दर्जन अधिकारी भी गिर चुके हैं। इस सीढ़ी को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार रात चर्चा की थी। इस बारे में कमिश्नर सुधीर एम बोबडे ने बताया कि शुक्रवार रात ही एसपीजी को बता दिया गया था कि अटल घाट पर एक सीढ़ी ज्यादा ऊंची है। एसपीजी ने प्रधानमंत्री को भी सीढ़ी की स्थिति से अवगत करा दिया था। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण हैं, इसके लिए निर्माण एजेंसी से बात करके जांच कराई जाएगी और सीढिय़ों को तोड़ा जाएगा।

बैठक में नहीं पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार

नमामि गंगा प्रोजेक्ट पर आयोजित इस बैठक में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शामिल हैं। इस बैठक में नीतीश कुमार का पहुंचना तय था, बिहार सीएम नीतीश कुमार के स्वागत में पोस्टर लग चुके थे, लेकिन नीतीश कुमार ने अपना कानपुर दौरा अचानक रद्द कर दिया। नीतीश कुमार की जगह डिप्टी सीएम सुशील मोदी बैठक में पहुंचे।

वहीं इस बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव भी मौजूद रहे। गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अभी तक जो भी कार्य हुए हैं, पीएम मोदी ने उनकी समीक्षा की। इसके साथ ही आने वाले समय में गंगा को स्वच्छ और उसके किनारों को सुंदर बनाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, इसकी कार्ययोजना पर मंथन हुई। समीक्षा बैठक के बाद पीएम मोदी क्रूज से गंगा दर्शन किया।

सीएम योगी ने भी किया था दौरा

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कानपुर का दौरा किया था। मुख्यमंत्री ने सिसामउ नाले का बहाव गंगा में मिलने से पूरी तरह रुक जाने पर संतोष जताया। ये गंगा नदी में मिलने वाला सबसे बड़ा नाला था। 128 साल पुराने इस नाले से हर दिन 140 MLD सीवेज पानी गंगा में जाता था. ये गंगा के प्रदूषण की बड़ी वजह था।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट की वजह से गंगा नदी अब पहले की तुलना में कहीं साफ है। सिसामऊ नाला जो सबसे बड़ा नाला था, उसे गंगा में मिलने से पूरी तरह रोक दिया गया है। मैं स्वच्छ गंगा की पहल के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।

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